वैष्णवी श्री, बांसुरीवादिका संगीत विद्यार्थी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय भारत की सांस्कृतिक पहचान यहाँ की महान शिल्प और स्थापत्य कला है जिसने मानव जगत को एक से बढ़कर एक अप्रतिम और अनन्य धरोहर…
हाँ मैं गाँधी हूँ, किन्तु सत्ता का भोगी नहीं, देश का स्वाभिमान हूँ, परतंत्रता मुझे सहन नहीं चाहे जो कहता हैं, कहने दो मैने बोलकर नही कहकर, करके दिखलाया है आज स्वतंत्र…
मऊ के प्रखर साहित्यकार मनोज कुमार सिंह का लखनऊ में आयोजित पुस्तक मेले में चारु काव्यांगन के भव्य वार्षिकोत्सव में हुआ सम्मान — लखनऊ में आयोजित पुस्तक मेले में चारु काव्यांगन के…
विजयवीर सहाय सन् 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने महात्मा गांधी को 9 अगस्त 1942 से 6 मई 1944 तक पुणे में कल्याणी नगर स्थित विश्व प्रसिद्ध…
रश्मि धारिणी धरित्री सुधिजनों को सस्नेह नमस्कार! मैं धारित्रि धारिणी आज चौमासा और प्रकृति के श्रृंगार को देख कर आह्लादित हूँ। चौमासा, मानसून, वर्षा ऋतु, कितने अनगिनत विदुषी विद्वानों ने करोड़ों पक्तियाँ…