Skip to content
वीथिका
Menu
  • Home
  • आपकी गलियां
    • साहित्य वीथी
    • गैलिलियो की दुनिया
    • इतिहास का झरोखा
    • नटराज मंच
    • अंगनईया
    • घुमक्कड़
    • विधि विधान
    • हास्य वीथिका
    • नई तकनीकी
    • मानविकी
    • सोंधी मिटटी
    • कथा क्रमशः
    • रसोईघर
  • अपनी बात
  • e-पत्रिका डाउनलोड
  • संपादकीय समिति
  • संपर्क
  • “वीथिका ई पत्रिका : पर्यावरण विशेषांक”जून, 2024”
Menu

कविता – भगत सिंह का चित्र

Posted on October 10, 2023

© माहेश्वर जोशी, देहरादून

एक अंग्रेजी हैट, छोटी-छोटी मूछें

एक खूबसूरत चेहरा

आँखों से झांकती सच्चाई

एक नौजवान का चित्र

क्या वाकई! सिर्फ एक चित्र

ये चित्र खुद में समेटे हुए है

सैंकड़ों सालों का इतिहास,

मंगल पांडे ने गुलामी के खिलाफ

जो पहली गोली चलाई

उस गोली की गूंज

छिपी है इसी चित्र में

करतार सिंह और खुदीराम बोस

फंदे से झूलते हुए दिखाई देते हैं इस चित्र में

जनरल डायर ने 1919 में

इंसानियत को जो गहरे ज़ख्म दिये

वो ज़ख्म साफ-साफ दिखाई देते हैं इस चित्र में

निहत्थे देशवासियों के सिर पर

गोरे हाथों से बरसती लाठियां

और साम्राज्यवाद के सड़े गले ताबूत में

वो आखिरी कील का गूंजता नारा

सुनाई देता है इस चित्र में

एक जांबाज़ क्रांतिकारी

जो घिरकर भी लड़ता है

और देता है सर्वोच्च बलिदान

उस आज़ाद की वीरता

दिखाई देती है इस चित्र में

तीन देशभक्त, एकदम जवान

हंसते हंसते फाँसी घर की तरफ जाते हुए

दिखाई देते हैं इस चित्र में

देश का सच्चा भगत कैसा होता है

ये बिल्कुल ही साफ-साफ

दिखाई देता है इस चित्र में

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • कविता – करते रुदन विलाप हैं पाठन बिन सब छंद
  • वीथिका ई पत्रिका का जनवरी, 2026 अंक ” शिव-शक्ति”
  • वीथिका ई पत्रिका का जून-जुलाई, 2025 संयुक्तांक “बिहू : ओ मुर अपुनर देश”
  • वीथिका ई पत्रिका का मार्च-अप्रैल, 2025 संयुक्तांक प्रेम विशेषांक ” मन लेहु पै देहु छटांक नहीं
  • लोक की चिति ही राष्ट्र की आत्मा है : प्रो. शर्वेश पाण्डेय
©2026 वीथिका | Design: Newspaperly WordPress Theme