बात बहुत पुरानी लिख दूँ क्या,
फिर से राजा-रानी लिख दूँ क्या!
तुम्हारे बस इतना कह देने भर से,
अब आग को पानी लिख दूँ क्या!
मेरा हाल-चाल जो पूछ रहे हो ,
कितनी है परेशानी लिख दूँ क्या!
सच पे तुम कितने परदे डालोगे,
लोगों को है ये हैरानी लिख दूँ क्या!
सबके मन की लिखते-लिखते,
अपनी भी इक कहानी लिख दूँ क्या!

