वरिष्ठ साहित्यकार : नीरजा हेमेन्द्र जी नीरजा हेमेन्द्र जी ख्यातिप्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार हैं, आपके तीन उपन्यास “ललई भाई”, “अपने-अपने इन्द्रधनुष” और “उन्ही रास्तों से गुज़रते हुए” तथा सात कहानी संग्रह और चार…
डॉ.धनञ्जय शर्मा असिस्टेंट प्रोफेसर, हिंदी विभाग सर्वोदय पी.जी. कॉलेज, घोसी, मऊ यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम।। बलिया जिले के ग्राम ससना बहादुरपुर में स्वामी शिवनारायण संप्रदाय के प्रवर्तक…
मनोज कुमार सिंह लेखक/साहित्यकार/ उप-सम्पादक कर्मश्री मासिक पत्रिका महज़ कागज़,घास- फूस, खर-पतवार से बने नकली दशानन के पुतले के दहन का पर्व नहीं दशहरा, बल्कि हमारे मंन, मस्तिष्क और हृदय में गहरे…
जय प्रकाश नारायण मिश्रा प्रयागराज श्रीकृष्ण का जीवन गूढतम विलक्षणता से भरा है जिसका अनुभव हमारी बुद्धि को नहीं हो पाता है। श्रीकृष्ण ने अपने चरित्र से जीवन का संदेश दिया है।…
व्यंग्यकार श्री दिलीप कुमार जी मठ आबाद रहे मठाधीश आबाद रहे मठाधीशी जिंदाबाद प्रश्न – हिंदी साहित्य के वर्तमान परिवेश में मठ और मठाधीशों की क्या स्थिति है ? उत्तर- हिंदी साहित्य…
हंगरियन कवियत्री काफ्का मार्गिट (Kaffka Margit) का जन्म 10 जून 1880 को हुआ व मृत्यु 1 दिसंबर 1918 ई को बुदापैश्त में हुई प्रसिद्ध कवि व अनुवादक श्री इन्दुकांत अंगिरस जी ने…
नागौर,राजस्थान न लड़की हूँ,न लड़का हूँ, इस सृष्टि कि एक सुन्दर रचना हूँ मै, समाज की बंदिशों मे बंधी मै अर्धनारीश्वर का स्वरूप हूँ, छक्का,हिजड़ा,किन्नर न जाने क्या-क्या मिले मुझे, मै भी…
मऊ उसने पूछा, सिगरेट पीते हो, मैंने कहा हाँ! उसने पूछा, शराब पीते हो, मैंने कहा हाँ! उसने पूछा, माँस खाते हो, मैंने कहा हाँ! उसने फिर पूछा, तब तो, इश्क भी…
वरिष्ठ साहित्यकार जाति-बिरादरी मानव निर्मित है, प्राकृतिक होती तो, हर भेद-भाव से दूर होती। जाति -बिरादरी मानव निर्मित है, प्राकृतिक तो कतई और कदापि नहीं है, प्राकृतिक होती तो, हर तरह के…