हंगरियन कवियत्री काफ्का मार्गिट (Kaffka Margit) का जन्म 10 जून 1880 को हुआ व मृत्यु 1 दिसंबर 1918 ई को बुदापैश्त में हुई प्रसिद्ध कवि व अनुवादक श्री इन्दुकांत अंगिरस जी ने इनकी कविता Emberke (छुटका पहलवान ) की Rámnyitja az ajtót ( मुझ पर खुलता दरवाज़ा ) का अनुवाद हिंदी भाषा में किया है
Emberke – छुटका पहलवान
Rámnyitja az ajtót ( मुझ पर खुलता दरवाज़ा )
माँ, यहाँ हो तुम ? आदतन दबे पावँ चली आई हो
तुम्हारे बेटे का अभिवादन कौन करेगा ? भूल गई हो
अँधेरे में चमकती आँखें ? अग्निष्ठिका के पास, देखूँ उधर
मिल गयी, उल्लू हो तुम, जलती तुम्हारी हथेलियाँ इधर
लग जाऊँ गले ? कोई प्रेम से पूछे तो सिर्फ़ गूंगे जवाब नहीं देते
-तुम्हीं ने कहा था कि उल्लू की आँखें अँधेरे में चमकती हैं
इसीलिए नाराज़ हो क्या ? आख़िर कब बोलोगी प्यारी माँ
देखो! मैंने पूरी कॉफ़ी पी डाली, चाहो तो पूछ लो बाई से
नहाते वक़्त रोया भी नहीं, सब बटन भी लगाएँ हैं ठीक से
गले से “क ” का उच्चारण भी सीख गया,” क ” से कुत्ता, कॉफ़ी
ठीक हैं न, क्योंकि मैं हूँ तुम्हारा इकलौता समझदार बेटा
स्नोवाइट की तस्वीर बनाई, पर इसके पैर ताबूत में पसरते नहीं
बड़े हो कर तुम्हारी तरह बनाऊँगा अक्षर, और तुम्हारी तरह
मिलेंगे मुझे भी बहुत पैसे, और तब रोज़ लाऊँगा मैं
कार, तलवार और पासा, लेकिन तुम्हारे लिए यह सब नहीं, बल्कि
लाऊँगा केक, किताब और दस्ताने, जैसे स्नोवाइट के लिए लायें बौने
और घोड़ा औ’ बन्दूक अपने लिए, तुम आज कुछ नहीं लाई मेरे लिए ?
सिर्फ़ मज़ाक में पूछता हूँ, नहीं लाई फ़िर भी तुमसे प्रेम करता हूँ
सिर्फ़ गंदे बच्चें माँगतें हैं हर रोज़ कुछ न कुछ
आज वो बर्फ़ वाली कविता सुनाओ, बर्फ़ गुलगुलो का आँचल
क्या हुआ हैं माँ तुम्हें ? फ़िर पहले की तरह उदास हो तुम ?
तुम्हें किसी ने दुखी किया है क्या ? मैं डंडे से मारूँगा उसे
जानती हो, पिछले साल मेरी लाल गेंद भी छीन ली थी
उस गुंडे ने सड़क पर, लेकिन तब मैं सिर्फ़ एक छोकरा था
पर अब गुरुगुंटाल हूँ मैं, ठोकूँगा ख़ूब उसे गर मिल गया तो
माँ, तुम्हें चूमा नहीं अभी तक, उदास मत हो, अपना मुखड़ा दो
इधर झुको .. नहीं झुक सकती, जानती हो, महाआलसी हो तुम
ठीक है , कुर्सी पर चढ़ कर आता हूँ , आह.. बहुत भारी है कुर्सी
यहाँ .. दुखता है माथा ? अभी भगाता हूँ दर्द,चूमता हूँ उधर ही
पुच्च ..एक बार और, तीन बार.. और एक बोनस
देखो ! अब तुम बिलकुल ठीक हो गयी हो
ठीक है न मेरी प्यारी माँ , मुश्किल काम था
पर कोई बात नहीं
लेकिन अब तो तुम मेरे साथ खेलो माँ !

