डॉ.नितिन सेठी सी-231, शाहदाना कालोनी, बरेली (243005) रमेश गौतम प्रख्यात नवगीतकार हैं। उनके नवगीतों में प्रकृति के अनेक सुंदर चित्रण मिलते हैं। पर्वत, सागर, पंछी, हवा, नदी; सभी अपने-अपने मुखरित सौन्दर्य की…
रंजना बिनानी काव्या गोलाघाट असम सुनो धरा की करुण पुकार हरी-भरी ये ,शस्य श्यामला धरा हमारी, आओ करें.. हम इसका श्रृंगार..। मत करो ..प्रदूषित इसको, सुनो धरा की, करुण पुकार। अन्न ,फल,…
मीता लुनिवाल “मीत” जयपुर, राजस्थान आओ हम ये संकल्प करें पर्यावरण को नष्ट होने से बचाएगे जगह जगह हम पेड़ लगाए नये नये पेडो से धरती को सजाएगे देकर नवजीवन इस प्रकृति…
नमिता राकेश. देखो भाई ! पेड़ मत काटो काटना है तो उन दरिंदों के सर काटो जो रात दिन मासूम लोगों का खून बहाते हैं पेड़ काटने से तुम्हें क्या मिलेगा किसका…
कवियित्री- प्रीति चौधरी”मनोरमा” मनुज नहीं तुम वृक्ष काटना, ये ही देते हैं छाया। हरी भरी है इनसे धरती, ये जीवों का सरमाया ।। नीड़ बनाते इन पर पक्षी, ये ही तो उनका…
मनोज कुमार सिंह लेखक/साहित्यकार/ उप-सम्पादक, कर्मश्री मासिक पत्रिका आया नववर्ष लेकर नई सुगंध स्वर्णिम नूतन बिहान आंखों में उम्मीदों की चमक, हर सीने में सुमधुर गान, आया नववर्ष लेकर नई सुगंध स्वर्णिम…