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  • “वीथिका ई पत्रिका : पर्यावरण विशेषांक”जून, 2024”
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प्रेम में पार्वती होना

Posted on March 8, 2024

रश्मि धारिणी धरित्री पर्यावरणविद, साहित्यकार, उत्तराखंड सुधिजनों को धारिणी का सादर प्रणाम बसंत का आगमन और मौसम में फाल्गुनी रंगों का घुलना और नवजीवन की सुगंध और साथ ही महाशिवरात्रि का आगमन…

वीथिका ई पत्रिका : मार्च 2024अज्ञेय विशेषांक : ” प्रिय ! मैं तुम्हारे ध्यान में हूं ?”

Posted on March 7, 2024

महाप्राण निराला

Posted on February 19, 2024

सुमित उपाध्याय प्रबंध संपादक, वीथिका ई पत्रिका 21 फ़रवरी, 1897 को जन्मे हिंदी के महाप्राण कवि निराला की दो लम्बी कवितायेँ, सरोज स्मृति और राम की शक्ति पूजा छायावाद की दो सशक्त…

कहानी – नाराज़गी और प्यार

Posted on February 19, 2024

शायरा बानों प्रवक्ता, जैश किसान इन्टर कॉलेज, बनगावां, घोसी, मऊ आशुतोष और शबनम एक प्रेमी युगल हैं जिनके बीच बातचीत के दौरान कुछ बातों को लेकर नाराजगी चल रही थी,दोनों गुस्से में…

कविता – बसंत ऋतु का स्वागत

Posted on February 19, 2024

अश्वनी अकल्पित नयी दिल्ली एक: बसंत ऋतु के आगमन पर लिखे है शब्द चार दो तो ठंड से जम गए दो धूप रहे ताप दो धूप रहे ताप मन में ही मनभर…

कविता – फाँसी के फंदे पर झूलता अन्याय ?

Posted on February 19, 2024

युवा कवि अनिल कुमार केसरी देई, जिला बूंदी राजस्थान न्याय के चरम पर झूलते फाँसी के फंदे को, पता है सच और झूठ के बीच का फासला ? उसने देखा है गुनाह…

कविता – नव वर्ष

Posted on February 19, 2024

मनोज कुमार सिंह लेखक/साहित्यकार/ उप-सम्पादक, कर्मश्री मासिक पत्रिका आया नववर्ष लेकर नई सुगंध स्वर्णिम नूतन बिहान आंखों में उम्मीदों की चमक, हर सीने में सुमधुर गान, आया नववर्ष लेकर नई सुगंध स्वर्णिम…

कविता- एक दिन पहाड़ उकता उठेंगे

Posted on February 19, 2024

डॉ एस पी सती भू वैज्ञानिक पर्यावरणविद, उत्तराखंड एक दिन आएगा जब तुम्हारे कर्मों से उकता कर अचानक कुदरत समेटने लगेगी अपने पहाड़ सबसे पहले नदियों को सरकायेगी खींच कर और पहाड़…

भूटान यात्रा : संस्मरण भाग-3

Posted on February 19, 2024

डॉ नमिता राकेश वरिष्ठ साहित्यकार एवं राजपत्रित अधिकारी (गतांक से आगे …) सुबह सवेरे हम सबने चाय नाश्ता किया और न्यू जलपाईगुड़ी के लिए प्रस्थान किया। बारिश जो भूटान छोड़ते समय शुरू…

नाटक -किस्सा गंगा जमुनी मुहल्ले का

Posted on February 19, 2024

रत्ना कौल जी द्वारा लिखित इस कहानी का नाट्य रूपांतरण एवम दृश्य परिकल्पना प्रख्यात नाट्य निर्देशिका चित्रा मोहन जी ने किया है 16 जनवरी, 2024 को संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह, लखनऊ…

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  • वीथिका ई पत्रिका का जून-जुलाई, 2025 संयुक्तांक “बिहू : ओ मुर अपुनर देश”
  • वीथिका ई पत्रिका का मार्च-अप्रैल, 2025 संयुक्तांक प्रेम विशेषांक ” मन लेहु पै देहु छटांक नहीं
  • लोक की चिति ही राष्ट्र की आत्मा है : प्रो. शर्वेश पाण्डेय
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