नमिता राकेश. देखो भाई ! पेड़ मत काटो काटना है तो उन दरिंदों के सर काटो जो रात दिन मासूम लोगों का खून बहाते हैं पेड़ काटने से तुम्हें क्या मिलेगा किसका…
कवियित्री- प्रीति चौधरी”मनोरमा” मनुज नहीं तुम वृक्ष काटना, ये ही देते हैं छाया। हरी भरी है इनसे धरती, ये जीवों का सरमाया ।। नीड़ बनाते इन पर पक्षी, ये ही तो उनका…
कृतिका सिंह जी उभरती हुई कार्टूनिस्ट हैं, जीवन के विविध पक्षों पर आपके सीधे हस्तक्षेप करते कार्टून बहुत लोकप्रिय हैं, आप कृतिका जी को उनके फेसबुक पेज Kritika cartoonist ( https://www.facebook.com/cartoonistkritika?mibextid=ZbWKwL )…
डॉ धनञ्जय शर्मा असिस्टेंट प्रोफेसर, सर्वोदय पी.जी.कॉलेज घोसी, मऊ मैग्नोलिया का पिता प्रकृति को मानता था पर प्रकृति की नहीं मानता था रामगढ़ शिक्षक काउंसलिंग के समय से नेतरहाट का नाम बार-बार…
रश्मि धारिणी धरित्री प्रसिद्ध पर्यावरणविद एवं साहित्यकार, लखनऊ सुधि जनों को धारित्री धारिणी का सस्नेह वंदन होली बीती फाल्गुन के रंगों में झूम कर बसंत की मदमाती सुगंध हवा में बिखेर कर।…
डॉ नमिता राकेश वरिष्ठ साहित्यकार एवं राजपत्रित अधिकारी, भारत सरकार नव वर्ष विक्रम संवत का इतिहास अति प्राचीन होने के साथ-साथ सनातन संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है । इसमें तिथि और…
प्रो. विवेक कुमार मिश्र हिंदी विभाग राजकीय कला महाविद्यालय कोटा फूल खिलते हैं और खिलते रहेंगे । फूल खिलकर ही बोलते हैं । अपने होने का , अपने अस्तित्व का गान खिलकर…