Skip to content
वीथिका
Menu
  • Home
  • आपकी गलियां
    • साहित्य वीथी
    • गैलिलियो की दुनिया
    • इतिहास का झरोखा
    • नटराज मंच
    • अंगनईया
    • घुमक्कड़
    • विधि विधान
    • हास्य वीथिका
    • नई तकनीकी
    • मानविकी
    • सोंधी मिटटी
    • कथा क्रमशः
    • रसोईघर
  • अपनी बात
  • e-पत्रिका डाउनलोड
  • संपादकीय समिति
  • संपर्क
  • “वीथिका ई पत्रिका : पर्यावरण विशेषांक”जून, 2024”
Menu

महात्मा : जहाँ हों वहां

Posted on October 11, 2023

कार्टूनिस्ट कृतिका सिंह

स्वतंत्रता आन्दोलन के दिनों में महात्मा गाँधी कभी देश के इस कोने में होते तो कभी उस कोने में. ऐसी स्थिति में देश-विदेश से लोग अपने पत्र बापू को भेजते थे. उन्हीं पत्रों में से कुछ पर लिखा होता – “महात्मा, जहाँ हो वहां”

और बड़ी बात ये की ये पत्र बापू तक पहुँच भी जाते. वो उन्हें पढ़ते और उत्तर देते.

ये थे बापू और इतना विशाल था उनका प्यार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • August 2026 E Patrika Donwload /अनघा..अच्युत…आशुतोष
  • धुरंधर फिल्म : सफलता और विवाद
  • कविता – धमाके
  • सशक्त युवा – समर्थ राष्ट्र
  • कविता – भागती लड़कियाँ
©2026 वीथिका | Design: Newspaperly WordPress Theme